Swami Vivekanand Book PDF in Hindi FREE Download

आज के इस महत्वपूर्ण आर्टिकल में हम आपको Swami Vivekanand Book PDF in Hindi को उपलब्ध कराने वाले हैं जिसे आप मुफ्त में डाउनलोड कर सकते हैं।

इस संपूर्ण Swami Vivekanand Book PDF में हम आपको विवेकानंद जी की जीवनी के बारे में विस्तार पूर्वक बताएंगे इसके साथ ही आपको यह PDF भी उपलब्ध कराएंगे, कृपया इस आर्टिकल को अंत तक पढ़े।

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Swami Vivekanand Book PDF in Hindi: Details

PDF NameSwami Vivekanand Book PDF in Hindi
CategoryBook
Size16.7 MB
Pages309
Websitewww.pdfsamadhan.com
SourceArchive
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Swami Vivekanand Book: Overview

स्वामी विवेकानंद, भारतीय समर्थन और धार्मिक दार्शनिक के रूप में विख्यात हैं जिनका जीवन और दिव्य विचारधारा हमें आत्मनिर्भरता, ध्यान, और सेवा की महत्वपूर्ण शिक्षाएं देता है।

स्वामी विवेकानंद जी का जन्म १२ जनवरी १८६३ को हुआ था, उनका असली नाम नरेंद्रनाथ था और वे विशेष रूप से रामकृष्ण परमहंस के शिष्य रहे हैं।

स्वामी विवेकानंद जी का जीवन यात्रा से भरा हुआ है जिसमें उन्होंने अपने उद्दीपक और आद्यात्मिक दृष्टिकोण के माध्यम से भारतीय समाज को जागरूक किया। उन्होंने भारतीय संस्कृति, योग, और वेदांत को पश्चिमी दुनिया में प्रस्तुत किया और अपने विचारों के माध्यम से लोगों को एक उदाहरणीय जीवन की ओर प्रेरित किया।

swami vivekanand book: अपने जीवन में आत्मनिर्भरता और सेवा की महत्वपूर्ण शिक्षाएं प्रदान की। उन्होंने कहा, “उठो, जागो और अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए पूरी शक्ति से प्रयत्न करो।

उनकी इस उत्साही भावना ने अनगिनत लोगों को जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया है।

स्वामी विवेकानंद जी ने विश्व धर्म महासभा में अपना अद्वितीय भारत का प्रतिष्ठान बनाया और विश्व धर्म एकता की बातें की। उनका चिंतन समाज में समरसता, भाईचारा, और एकता की भावना को बढ़ावा देने के लिए था।

स्वामी विवेकानंद जी का योगदान सिर्फ धार्मिक दृष्टिकोण से ही नहीं था, बल्कि उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, और सामाजिक क्षेत्रों में भी बड़े प्रभावी कार्य किए।

उन्होंने युवा पीढ़ी को एक सकारात्मक दृष्टिकोण और उन्नति की ऊर्जा प्रदान करने का संदेश दिया।

उनका जीवन एक प्रेरणास्त्रोत बना है जो हर कोई अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए संघर्ष कर रहा है, स्वामी विवेकानंद जी का जीवन और उनके विचार आज भी हमें उद्दीपित करते हैं और हमें एक उदाहरणीय जीवन जीने के लिए प्रेरित करते हैं।

आपके मन, विचार, और क्रियाओं को एक सशक्त दिशा में देखने का समय आ गया है, और स्वामी विवेकानंद की जीवनी हमें इसमें मार्गदर्शन करती है। उनके उदाहरण से हम सीख सकते हैं कि आत्म-समर्पण, सेवा, और उद्दीपना की भावना से ही एक उच्चतम और समृद्धिशील जीवन की प्राप्ति हो सकती है।

Swami Vivekanand Book in hindi: Content

  1. दक्षिणेद्वर का पुजारी :
  2. युवा नरेन्द्र सत्य की खोज में :
  3. गुरु से साक्षात्कार :
  4. नये जीवन का प्रारंभ :
  5. भारत दर्शन :
  6. विध्व विजय की और :
  7. धर्म सभा के रंगमंच पर :
  8. श्रमरीका के श्रनुभव :
  9. ब्रिटेन तथा श्रन्य देशों में :
  10. उत्तिष्ठत जाग्रत’ :
  11. संगठन एवं प्रशिक्षण :
  12. पुनः विदेश में :
  13. महाप्रयाण :

Swami Vivekanand Book in Hindi PDF

प्रारूप

उन्नीसवीं सदी के उत्तराध के भारतीय नवजागरण के श्रग्रणी नेताओं
में स्वामी विवेकानन्द का स्थान श्रन्यत्तम है, इतिहासकार एक मत से बीसवीं सदी
के शुरू में राष्ट्रीय आन्दोलन में आये नये मोड़ में स्वामीजी के कार्यो श्रौर संदेश
का बड़ा योगदान मानते हैं. वंगाल के बंटवारे (१६०५) के बाद आयी क्रांतिकारी
आन्दोलन की झांधी के समय बंगाल के क्रांत्िकारियों के पास गीता के अलावा
विवेकानन्द के भाषणों की भी पुस्तकें पायी जाती थीं. जवाहरलाल नेहरू की
भारत की कहानी" में कई जगह विवेकानन्द के बारे में उनके भाव प्रकट होते हैं.
सुभाषचन्द्र बसु किशोरावस्था से ही स्वामीजी की रचनाश्रों के गहन श्रध्येता थे,
गांधी युग-के प्रायः सभी शीष॑स्थ नेता विवेकानन्द के सन्देश से प्रेरणा प्राप्त करते
रहे, उनके निधन के ७० साल बाद आज के भारतवर्ष के लिए भी विवेकानन्द के
विचारों का महत्व कम नहीं हुआ्ना है, युवकों के लिए उन्तका जीवन श्राज भी उत्तना
ही प्रेरणाप्रद है.

' विवेकानन्द द्वारा भारत की गरिमा को पुनः जगाने का प्रयास मात्र राजनेतिक दासत्व की समाप्ति के लिए नहीं था. दासत्व की जो हीन भावना हमारे
संस्कार में घुल-मिल गयी है उससे भी त्राण पाने का मार्ग उन्होंने बताया. विवेकानन्द
बड़े स्वप्तद्रष्ठा थे. उन्होंने एक नये समाज की कल्पना की थी; ऐसा समाज जिसमें
धर्म या जाति के श्राधार पर मनुष्य-मनुष्य में कोई भेद नहीं रहे. उन्होंने वेदांत के
सिद्धांतों को इसी रूप में रखा. श्रध्यात्मवाद बनाम भौतिकवाद के विवाद में पड़े
बिना भी यह कहा जा सकता हैं कि समता के सिद्धांत को जो श्राधार विवेकासन्द
ने दिया, उससे सबल वीद्धिक श्राधार शायद ही ढुंढ़ा जा सके,
उनके लिए समता का सिद्धांत कोई मात्र बौद्धिक विश्वास ही नहीं, उनके
हर प्रयास का प्रेरक था. वे ऐसे किसी भी प्रयास में भाग नहीं लेते थे जिससे दीनदुखियों की दशा में सुघार न हो. श्रपने श्रनुयाथियों से उन्होंने बार-बार कहा कि
हमारा राष्ट्र तो फोपड़ियों में निवास करता है, जब गरीबों की स्थिति में सुधार
होगा तभी राष्ट्र की अवस्था में सुधार संभव है.

FAQ: Swami Vivekanand Book PDF in Hindi FREE Download

स्वामी विवेकानंद का असली नाम क्या था?

नरेंद्रनाथ

विवेकानंद जी के महत्वपूर्ण भाषण कौन-कौन से हैं?

स्वामी विवेकानंद का अज्ञेयदान भाषण, जो १८९३ में शिकागो विश्व धर्म महासभा में हुआ था, उनके लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण मोमेंट बना।

स्वामी विवेकानंद की मृत्यु कब हुई थी?

स्वामी विवेकानंद का निधन १९ जुलाई १९०२ में हुआ था।

Conclusion

उम्मीद है आपको इस Swami Vivekanand Book PDF in Hindi आर्टिकल से पर्याप्त जानकारी प्राप्त हुई होगी आशा करते हैं आपको यह Swami Vivekanand Book PDF आर्टिकल पसंद भी आया होगा, यदि आपको हमारी यह जानकारी पसंद आई हो तो आप हमें कमेंट करो अवश्य बताएं इसके साथ ही यदि आपको Swami Vivekanand book in hindi की पीडीएफ प्राप्त करने में कोई समस्या आ रही हो तो आप हमें कांटेक्ट कर सकते हैं

धन्यवाद

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