Bhole Nath Chalisa PDF Free Download

दोस्तों आज के आर्टिकल में हम आपको Bhole Nath Chalisa PDF Free Download के बारे में बताएंगे और आपको पीडीएफ निशुल्क उपलब्ध कराएंगे।

जैसा कि आप जानते हैं, भगवान Shankar जिन्हें Bhole Nath के नाम से भी जाना जाता है, भगवान Shiv हिन्दू धर्म में सबसे शक्तिशाली देवताओं में से एक है, Bhole Nath को देवों का देव भी कहा जाता है,

देवताओं में त्रिमूर्ति के बारे में आपने सुना होगा, Bhole Nath त्रिमूर्ति के तीसरे पहलू हैं और उनके चरणों में हम ब्रह्मा विष्णु और शिव की तारीक, अद्वितीय शक्ति की पूजा करते हैं।

Bhole Nath Chalisa PDF
Bhole Nath Chalisa PDF

Bhole Nath Chalisa PDF Details

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PDF NameBhole Nath Chalisa PDF
CategoryReligion
Size0.40 MB
Pages03
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Bhole Nath Chalisa PDF
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Bhole Nath Chalisa PDF in Hindi: Arti-01

श्री गणेश गगरिजा सुवन, मंगल मूल सुजान।
कहत अयोध्यादास तुम, देहु अभय विदान॥

जय गगरिजा पगत दीन दयाला। सदा कित सन्तन प्रगतपाला॥
भाल चन्द्रमा सोहत नीके । कानन कु ण्डल नागफनी के ॥

अंग गौि गशि गंग बहाये। मुण्डमाल तन छाि लगाए।।
बस्त्र खाल बाघम्बि सोहे। छगब को देख नाग मुगन मोहे।।

मैना मातुकी ह्वैदुलािी। बाम अंग सोहत छगव न्यािी॥
कि गिशूल सोहत छगव भािी। कित सदा शिुन क्षयकािी॥

नन्दि गणेश सोहैतहँकै से। सागि मध्य कमल हैंजैसे॥
कागतिक श्याम औि गणिाऊ। या छगव को कगह जात न काऊ॥

देवन जबही ंजाय पुकािा। तब ही दुख प्रभुआप गनवािा॥
गकया उपद्रव तािक भािी। देवन सब गमगल तुमगहंजुहािी॥

तुित षडानन आप पठायउ। लवगनमेष महँमारि गगिायउ॥
आप जलंधि असुि संहािा। सुयश तुम्हाि गवगदत संसािा॥

गिपुिासुि सन युद्ध मचाई। सबगहंकृ पा कि लीन बचाई॥
गकया तपगहंभागीिथ भािी। पुिब प्रगतज्ञा तसुपुिािी॥

दागनन महंतुम सम कोउ नाही ं। सेवक स्तुगत कित सदाही 
वेद नाम मगहमा तव गाई। अकथ अनागद भेद नगहंपाई॥

प्रगट उदगध मंथन मेंज्वाला। जिेसुिासुि भयेगवहाला॥
कीन्ह दया तहँकिी सहाई। नीलकण्ठ तब नाम कहाई॥

पूजन िामचंद्र जब कीन्हा। जीत के लंक गवभीषण दीन्हा॥
सहस कमल मेंहो िहेधािी। कीन्ह पिीक्षा तबगहंपुिािी॥

एक कमल प्रभुिाखेउ जोई। कमल नयन पूजन चहंसोई॥
कगठन भन्दि देखी प्रभुशंकि। भयेप्रसन्न गदए इन्दित वि॥

जय जय जय अनंत अगवनाशी। कित कृ पा सब के घटवासी॥
दुष्ट सकल गनत मोगह सतावै। भ्रमत िहेमोगह चैन न आवै॥

िागह िागह मैंनाथ पुकािो। यगह अवसि मोगह आन उबािो॥
लैगिशूल शिुन को मािो। संकट सेमोगह आन उबािो॥

मातुगपता भ्राता सब कोई। संकट मेंपूछत नगहंकोई॥
स्वामी एक हैआस तुम्हािी। आय हिहु अब संकट भािी॥

धन गनधिन को देत सदाही ं। जो कोई जांचेवो फल पाही ं॥
अस्तुगत के गह गवगध किौ ंतुम्हािी। क्षमहु नाथ अब चूक हमािी॥

शंकि हो संकट के नाशन। मंगल कािण गवघ्न गवनाशन॥
योगी यगत मुगन ध्यान लगावैं। नािद शािद शीश नवावैं॥

नमो नमो जय नमो गशवाय। सुि ब्रह्मागदक पाि न पाये॥
जो यह पाठ किेमन लाई। ता पाि होत हैशम्भुसहाई॥

ॠगनया जो कोई हो अगधकािी। पाठ किेसो पावन हािी॥
पुि हीन कि इिा कोई। गनश्चय गशव प्रसाद तेगह होई॥

पन्दण्डत ियोदशी को लावे। ध्यान पूविक होम किावे॥
ियोदशी ब्रत किेहमेशा। तन नही ंताके िहेकलेशा॥

धूप दीप नैवेद्य चढ़ावे। शंकि सम्मुख पाठ सुनावे॥
जन्म जन्म के पाप नसावे। अन्तवास गशवपुि मेंपावे॥

कहेअयोध्या आस तुम्हािी। जागत सकल दुुःख हिहु हमािी॥

गनत्त नेम कि प्रातुः ही, पाठ किौ ंचालीसा।
तुम मेिी मनोकामना, पूणिकिो जगदीश॥
मगसि छगठ हेमन्त ॠतु, संवत चौसठ जान।
अस्तुगत चालीसा गशवगह, पूणिकीन कल्याण॥

Bhole Nath Chalisa PDF in English

Jai Ganesh Girija Suvan,Mangal Mul Sujan

Kahat Ayodhya Das Tum Dev Abhaya Varadan.

Jai Girija Pati Dinadayala
Sada Karat Santan Pratipala
Bhala Chandrama Sohat Nike Kanan
Kundal Nagaphani Ke

Anga Gaur Shira Ganga Bahaye
Mundamala Tan Chhara Lagaye
Vastra Khala Baghambar Sohain Chhavi
Ko Dekha Naga Muni Mohe

Maina Matu Ki Havai Dulari
Vama Anga Sohat Chavi Nyari
Kara Trishul Sohat Chavi Bhari Karat
Sada Shatrun khaykari

Nandi Ganesh Sohain Tahan Kaise
Sagar Madhya Kamal Hain Jaise
Kartik Shyam Aur Ganarau,Ya Chavi Ko Kahi Jat Na Kau

Devan Jabahi Jaya Pukara
Tabahi Dukha Prabhu Apa Nivara
Kiya Upadrav Tarak Bhari ,Devan Sab Mili Tumhi Juhari

Turat Shadanan Ap Pathayau
Lava NiMesh Maha Mahi Girayau
Ap Jalandhar Asur Sanhara, Suyash Tumhar Vidit Sansara

Tripurasur Sana Yudha Machayi
Sabhi Kripakar Lin Bachayi
Kiya Tapahin Bhagirath Bhari,Purav Pratigya Tasu Purari

Danin Mahan Tum Sama Koi Nahin
Sevak Astuti Karat Sadahin
Ved Nam Mahima Tab Gayaee ,Akath Anandi Bhed Nahin Payee

Pragate Udadhi Mantan Men Jvala
Jarat Sura-Sur Bhaye Vihala
Kinha Daya Tahan Kari Sahayee
Nilakantha Tab Nam Kahayee

Pujan Ramchandra Jab Kinha
Jiti Ke Lanka Vibhishan Dinhi
Sahas Kamal Men Ho Rahe Dhari Kinha
Pariksha Tabahin Purari

Ek Kamal Prabhu Rakheu Joi
Kushal-Nain Pujan Chaha Soi
Kathin Bhakti Dekhi Prabhu Shankar
Bhaye Prasanna Diye-Ichchhit Var

Jai Jai Jai Anant Avinashi
Karat Kripa Sabake Ghat Vasi
Dushta Sakal Nit Mohin Satavai
Bhramat Rahe Mohin Chain Na Avai

Trahi-Trahi Main Nath Pukaro
Yahi Avasar Mohi Ana Ubaro
Lai Trishul Shatrun Ko Maro
Sankat Se Mohin Ana Ubaro

Mata Pita Bhrata Sab Hoi
Sankat Men Puchhat Nahin Koi
Svami Ek Hai Asha Tumhari
Ava Harahu Aba Sankat Bhari

Dhan Nirdhan Ko Deta Sadahin
Jo Koi Janche So Phal Pahin
Astuti Kehi Vidhi Karai Tumhari
Kshamahu Nath Aba Chuka Hamari

Shankar Ho Sankat Ke Nishan
Vighna Vinashan Mangal Karan
Yogi Yati Muni Dhyan Lagavan
Sharad Narad Shisha Navavain

Namo Namo Jai Namah Shivaya
Sura Brahmadik Par Na Paya
Jo Yah Patha Karai Man Lai
Tapar Hota Hai Shambhu Sahayee

Riniyan Jo Koi Ho Adhikari
Patha Karai So Pavan Hari
Putra-hin Ichchha Kar Koi
Nischaya Shiva Prasad Tehin Hoi

Pandit Trayodashi Ko Lavai
Dhyan-Purvak Homa Karavai
Trayodashi Vrat Kare Hamesha
Tan Nahin Take Rahe Kalesha

Dhupa Dipa Naivedya Charhavai
Anta Vasa Shivapur Men Pavai
Kahai Ayodhya Asha Tumhari
Jani Sakal Dukha Harahu Hamari

Nitya Nema kari Pratahi,Patha karau Chalis

Tum Meri Man Kamana,Purna Karahu Jagadish

Magsar Chathi Hemant Writu Sabat Choshat Jan

Astuti Chalisha Shibahi Purna Kin Kalyan.

Shiv Chalisa PDF in Hindi: Arti -02

ॐ जय शिव ओंकारा,
स्वामी जय शिव ओंकारा।
ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव,
अर्द्धांगी धारा ॥
ॐ जय शिव ओंकारा...॥

एकानन चतुरानन
पंचानन राजे ।
हंसासन गरूड़ासन
वृषवाहन साजे ॥
ॐ जय शिव ओंकारा...॥

दो भुज चार चतुर्भुज
दसभुज अति सोहे ।
त्रिगुण रूप निरखते
त्रिभुवन जन मोहे ॥
ॐ जय शिव ओंकारा...॥

अक्षमाला वनमाला,
मुण्डमाला धारी ।
चंदन मृगमद सोहै,
भाले शशिधारी ॥
ॐ जय शिव ओंकारा...॥

श्वेताम्बर पीताम्बर
बाघम्बर अंगे ।
सनकादिक गरुणादिक
भूतादिक संगे ॥
ॐ जय शिव ओंकारा...॥

कर के मध्य कमंडल
चक्र त्रिशूलधारी ।
सुखकारी दुखहारी
जगपालन कारी ॥
ॐ जय शिव ओंकारा...॥

ब्रह्मा विष्णु सदाशिव
जानत अविवेका ।
प्रणवाक्षर में शोभित
ये तीनों एका ॥
ॐ जय शिव ओंकारा...॥

त्रिगुणस्वामी जी की आरति
जो कोइ नर गावे ।
कहत शिवानंद स्वामी
सुख संपति पावे ॥
ॐ जय शिव ओंकारा...॥

लक्ष्मी व सावित्री
पार्वती संगा ।
पार्वती अर्द्धांगी,
शिवलहरी गंगा ॥
ॐ जय शिव ओंकारा...॥

पर्वत सोहैं पार्वती,
शंकर कैलासा ।
भांग धतूर का भोजन,
भस्मी में वासा ॥
ॐ जय शिव ओंकारा...॥

जटा में गंग बहत है,
गल मुण्डन माला ।
शेष नाग लिपटावत,
ओढ़त मृगछाला ॥
जय शिव ओंकारा...॥

काशी में विराजे विश्वनाथ,
नंदी ब्रह्मचारी ।
नित उठ दर्शन पावत,
महिमा अति भारी ॥
ॐ जय शिव ओंकारा...॥

ॐ जय शिव ओंकारा,
स्वामी जय शिव ओंकारा।
ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव,
अर्द्धांगी धारा ॥

ॐ जय शिव ओंकारा,
स्वामी जय शिव ओंकारा।
ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव,
अर्द्धांगी धारा ॥
ॐ जय शिव ओंकारा...॥

एकानन चतुरानन
पंचानन राजे ।
हंसासन गरूड़ासन
वृषवाहन साजे ॥
ॐ जय शिव ओंकारा...॥

दो भुज चार चतुर्भुज
दसभुज अति सोहे ।
त्रिगुण रूप निरखते
त्रिभुवन जन मोहे ॥
ॐ जय शिव ओंकारा...॥

अक्षमाला वनमाला,
मुण्डमाला धारी ।
चंदन मृगमद सोहै,
भाले शशिधारी ॥
ॐ जय शिव ओंकारा...॥

श्वेताम्बर पीताम्बर
बाघम्बर अंगे ।
सनकादिक गरुणादिक
भूतादिक संगे ॥
ॐ जय शिव ओंकारा...॥

कर के मध्य कमंडल
चक्र त्रिशूलधारी ।
सुखकारी दुखहारी
जगपालन कारी ॥
ॐ जय शिव ओंकारा...॥

ब्रह्मा विष्णु सदाशिव
जानत अविवेका ।
प्रणवाक्षर में शोभित
ये तीनों एका ॥
ॐ जय शिव ओंकारा...॥

त्रिगुणस्वामी जी की आरति
जो कोइ नर गावे ।
कहत शिवानंद स्वामी
सुख संपति पावे ॥
ॐ जय शिव ओंकारा...॥

लक्ष्मी व सावित्री
पार्वती संगा ।
पार्वती अर्द्धांगी,
शिवलहरी गंगा ॥
ॐ जय शिव ओंकारा...॥

पर्वत सोहैं पार्वती,
शंकर कैलासा ।
भांग धतूर का भोजन,
भस्मी में वासा ॥
ॐ जय शिव ओंकारा...॥

जटा में गंग बहत है,
गल मुण्डन माला ।
शेष नाग लिपटावत,
ओढ़त मृगछाला ॥
जय शिव ओंकारा...॥

काशी में विराजे विश्वनाथ,
नंदी ब्रह्मचारी ।
नित उठ दर्शन पावत,
महिमा अति भारी ॥
ॐ जय शिव ओंकारा...॥

ॐ जय शिव ओंकारा,
स्वामी जय शिव ओंकारा।
ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव,
अर्द्धांगी धारा ॥

Bhole Nath Chalisa Video

दोस्तों नीचे दिए गए वीडियो की मदद से आप भगवान Bhole Nath Chalisa PDF की आरती को वीडियो के माध्यम से देख सकते हैं।

Bhole Nath Chalisa PDF Video

FAQ: Shiv Chalisa PDF

भोलेनाथ को खुश करने के लिए क्या करना पड़ता है?

भोलेनाथ को खुश करने के लिए, स्नान करने के पश्चात लाल, हरे, पीले वस्त्र धारण करके पूजा करें पूजा के दौरान भगवान शिव को भोग लगाए।

भोलेनाथ का दूसरा नाम क्या है?

भोलेनाथ को, शंकर, शिवा, देवों में देव, महादेव, महाकाल आदि के नाम से जाना जाता है।

सभी देवों में सबसे शक्तिशाली भगवान कौन से हैं?

भगवान भोलेनाथ को देवों में सबसे शक्तिशाली माना गया है और उनके बाद भगवान विष्णु को सबसे शक्तिशाली माना गया है।

अंतिम शब्द

यह था आज का आर्टिकल जिसमें हमने, भगवान Bhole Nath Chalisa PDF के बारे में बताया और आपको PDF उपलब्ध कराई,

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